30 मार्च 2026
हरियाणा के Kurukshetra जिले के शाहाबाद स्थित मीरी-पीरी संस्थान में सिख संगठनों के दो गुटों के बीच हुए हिंसक टकराव के मामले में पुलिस ने बड़ा कदम उठाते हुए 20 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इस मामले में Shiromani Gurdwara Parbandhak Committee के वरिष्ठ उपाध्यक्ष Raghujit Singh Virk का नाम भी शामिल है।
🏥 मीरी-पीरी संस्थान में हुआ विवाद
घटना 20 मार्च को Shahabad स्थित मीरी-पीरी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च में हुई, जहां संस्थान के नियंत्रण और प्रबंधन को लेकर विवाद शुरू हुआ।
बताया जा रहा है कि Haryana Sikh Gurdwara Management Committee और Shiromani Gurdwara Parbandhak Committee के समर्थकों के बीच यह टकराव अचानक हिंसक हो गया।
⚠️ मारपीट, धमकी और पगड़ी उछालने के आरोप
एचएसजीएमसी के उपाध्यक्ष Gurbeer Singh Talakour ने शिकायत में आरोप लगाया कि जब वह संस्थान में मध्यस्थता के लिए पहुंचे थे, तब अचानक दूसरी तरफ के लोग हथियारों के साथ वहां आ गए।
उन्होंने आरोप लगाया कि:
- उन पर बंदूक तानकर हमला किया गया
- तलवारों से डराया गया और जान से मारने की कोशिश की गई
- उनकी पगड़ी उछाली गई और दाढ़ी खींची गई, जो सिख धर्म में गंभीर अपमान माना जाता है
- उनकी सोने की चेन भी छीन ली गई
- उन्हें अस्पताल परिसर से बाहर धकेलकर दोबारा आने पर जान से मारने की धमकी दी गई
इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिससे मामला और तूल पकड़ गया।
📜 पुलिस ने दर्ज किया केस
शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं—115, 190, 191(2), 299 और 351(3)—के तहत मामला दर्ज किया है।
एफआईआर में कुल 20 लोगों को नामजद किया गया है, जिनमें प्रमुख रूप से:
- Raghujit Singh Virk
- बलदेव सिंह
- हरदीप सिंह
- प्रताप सिंह
- सुखपाल सिंह
- हरपिंदर सिंह
- रवि इंदर
- हरकेश सिंह
- अमृतपाल सिंह
- बलकार सिंह
- गुरजीत सिंह
- हरमन सिंह
- पिंकी सिंह
- हरिंदर सिंह
- जरनैल सिंह
- गुरजिंद्र सिंह
- जसप्रीत सिंह
- जस हुंदल
- नवजीत कोहली
- एक अन्य व्यक्ति
पुलिस मामले की जांच में जुटी है और आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।
⚖️ विवाद की जड़ क्या है?
जानकारी के अनुसार, यह विवाद संस्थान के प्रबंधन और नियंत्रण को लेकर शुरू हुआ था।
- Baljit Singh Daduwal (एचएसजीएमसी के पूर्व प्रधान) ने संस्थान पर हरियाणा कमेटी का दावा किया
- वहीं Shiromani Gurdwara Parbandhak Committee ने हाई कोर्ट के स्टे ऑर्डर का हवाला देते हुए अपने अधिकार का दावा किया
इसी मुद्दे पर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और मामला हिंसक रूप ले बैठा।
🚔 पुलिस सुरक्षा में निकाले गए नेता
घटना के दौरान स्थिति इतनी बिगड़ गई कि Baljit Singh Daduwal को पुलिस सुरक्षा के बीच संस्थान से बाहर निकाला गया।
इसके बाद उपाध्यक्ष Gurbeer Singh Talakour के साथ कथित मारपीट की घटना सामने आई, जिससे मामला और गंभीर हो गया।
📊 धार्मिक और सामाजिक संवेदनशीलता
इस पूरे विवाद ने सिख समुदाय के भीतर तनाव की स्थिति पैदा कर दी है।
- पगड़ी और दाढ़ी के साथ छेड़छाड़ को धार्मिक अपमान माना जाता है
- दो बड़े सिख संगठनों के बीच टकराव से समुदाय में विभाजन की आशंका बढ़ी है
- मामले के राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव भी सामने आ सकते हैं
📌 निष्कर्ष
Kurukshetra में हुआ यह विवाद सिर्फ एक स्थानीय झड़प नहीं, बल्कि धार्मिक संस्थानों के नियंत्रण, नेतृत्व और सम्मान से जुड़ा संवेदनशील मामला बन गया है।
पुलिस जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे हो सकते हैं। साथ ही यह देखना भी अहम होगा कि दोनों पक्ष इस विवाद को सुलझाने के लिए क्या कदम उठाते हैं, ताकि समुदाय में शांति और संतुलन बना रहे।
